द न्यूज नेशन ।छत्तीसगढ़ में गिरते भूजल स्तर के कारण 1 अप्रैल 2026 से 15 जुलाई 2026 तक (या मानसून आने तक) नए बोर/नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह रोक रायपुर सहित कई जिलों में पेयजल की कमी को देखते हुए, कलेक्टरों द्वारा छत्तीसगढ़ पेयजल अधिनियम के तहत लगाई गई है। इस दौरान बिना अनुमति के बोर खनन करने पर मशीनें जब्त करने और कानूनी कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।
बोर खनन रोक 2026 के मुख्य बिंदु:
समय सीमा: 1 अप्रैल 2026 से 15 जुलाई 2026 तक।
उद्देश्य: गर्मी में पेयजल संकट को कम करना और भूजल पुनर्भरण (Recharge) को बढ़ावा देना।
कार्रवाई: अनुमति के बिना बोर खनन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, और मशीनें भी जब्त की जा सकती हैं।
विशेष परिस्थिति: आवश्यक होने पर कलेक्टर से अनुमति लेकर ही बोर कराया जा सकेगा।








