दो महीने पूर्व इंसास रायफल समेत अन्य हथियार छोड़ फरार हुए आरोपी मुंबई से गिरफ्तार आरोपी गुमला का निवासी ह्रदय साहू उर्फ गांगू पहले ही हो चुका गिरफ्तार

जशपुर 7 अगस्त 2026 :- जशपुर पुलिस ने दो महीने पहले इंसास रायफल समेत अन्य हथियार छोड़कर जंगल से फरार हुए आरोपी को आखिरकार मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान झारखंड के गुमला जिले निवासी पलटू दास (36) के रूप में हुई है।

 

जशपुर पुलिस के अनुसार आरोपी पूर्व में नक्सल संगठन का सक्रिय सदस्य रह चुका है। उसे पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले में एक अन्य आरोपी हृदय साहू उर्फ गांगु को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

 

आरोपियों ने खुद को नक्सली संगठन का सदस्य बताकर की थी लूटपाट

 

पुलिस के अनुसार 11 जून 2026 को सिटी कोतवाली क्षेत्र के बूमतेल-सरनाटोली जंगल में दो सशस्त्र बदमाशों द्वारा राहगीरों को हथियारों के बल पर डराकर रुपए मांगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने जंगल की घेराबंदी कर सर्च अभियान चलाया। पुलिस को देखते ही दोनों आरोपी इंसास रायफल, देसी रायफल, कट्टा सहित अन्य हथियार और सामान छोड़कर जंगल का फायदा उठाते हुए फरार हो गए थे।

 

घटनास्थल से पुलिस ने मैगजीन लगी इंसास रायफल, एक देसी रायफल, एक देसी कट्टा, छह जिंदा कारतूस, चार लोहे के बोल्ट, हथौड़ी, तलवार, कैंची, बैग और कई दस्तावेज बरामद किए थे। मामले में शस्त्र अधिनियम की धाराओं 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

 

तकनीकी निगरानी से मिला सुराग, पूछताछ में उगले कई राज

 

विवेचना के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान कर ली थी। हृदय साहू की गिरफ्तारी के बाद फरार पलटू दास की तलाश लगातार जारी थी। तकनीकी विश्लेषण, साइबर इनपुट और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उसके मुंबई में छिपे होने की जानकारी मिली। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में विशेष टीम मुंबई भेजी गई, जिसने आरोपी को गिरफ्तार कर जशपुर लाया।

 

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने सह-आरोपी हृदय साहू के साथ मिलकर हथियारों के बल पर लोगों से अवैध वसूली की योजना बनाई थी। दोनों ने स्वयं को नक्सली संगठन का सदस्य बताकर एक युवक और युवती को धमकाया तथा उनके परिजनों से 30 हजार रुपए मंगवाकर आपस में बांट लिए।

 

नक्सली कमांडर के संपर्क में रहा था, आरोपी उनके ही हथियार रखे था

 

पूछताछ में पलटू दास ने यह भी बताया कि वह पहले एक नक्सली कमांडर के संपर्क में रहा था और वर्ष 2012 में जंगल में चट्टानों के नीचे छिपाकर रखे गए हथियार अपने कब्जे में ले लिए थे। इस संबंध में पुलिस अब विस्तृत जांच कर रही है।

 

इस कार्रवाई में सिटी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, उपनिरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, आरक्षक उपेंद्र सिंह तथा नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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Author: Bhoj singh

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