जशपुर। तपकरा थाना क्षेत्र के ग्राम सिंगीबहार में घरेलू विवाद के दौरान बेटे ने अपने पिता के सिर पर सील-लोढ़ा से वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल पिता को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, घटना 6 अगस्त 2026 की है। मृतक कृष्णा सिंह के भतीजे योगादर सिंह ने थाना कुनकुरी में सूचना दी थी कि गांव के एक व्यक्ति ने उसे बताया कि उसके चचेरे भाई सूरज सिंह ने अपने पिता कृष्णा सिंह के साथ मारपीट की है, जिससे वह बेहोश हो गए हैं।
सूचना मिलने पर योगादर सिंह तत्काल कृष्णा सिंह के घर पहुंचा। वहां कृष्णा सिंह खाट पर बेहोशी की हालत में पड़े थे और उनके नाक, मुंह तथा कान से खून निकल रहा था। आरोपी सूरज सिंह भी मौके पर मौजूद था। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से कृष्णा सिंह को शासकीय अस्पताल केरसरई ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें शासकीय अस्पताल कुनकुरी रेफर किया गया, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मामले में थाना कुनकुरी पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया। घटना तपकरा थाना क्षेत्र की होने के कारण मर्ग डायरी आगे की कार्रवाई के लिए थाना तपकरा भेजी गई। इसके बाद पुलिस ने BNS की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
पूछताछ में आरोपी ने कबूला अपराध
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 7 अगस्त 2026 को आरोपी सूरज सिंह (32 वर्ष), निवासी ग्राम सिंगीबहार, चौकी ऊपर कछार, थाना तपकरा, जिला जशपुर को हिरासत में लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके पिता कृष्णा सिंह झगड़ालू प्रवृत्ति के थे और आए दिन घर तथा बाहर बात-बात पर विवाद करते रहते थे। घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान गुस्से में आकर सूरज सिंह ने घर में रखे सील-लोढ़ा से अपने पिता के सिर पर वार कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में अपराध स्वीकार करने और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी सूरज सिंह को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त सील-लोढ़ा भी जब्त कर लिया है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
मामले की कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी में थाना तपकरा प्रभारी निरीक्षक संदीप कौशिक, चौकी ऊपर कछार प्रभारी सहायक उप निरीक्षक भुनेश्वर भगत, प्रधान आरक्षक अजय कुमार लकड़ा तथा आरक्षक दिलीप खलखो, सोनू सिंह और अमेश पैंकरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।








